मथुरा: बोर्ड परीक्षा में ‘नकल के ठेके’ का पर्दाफाश, केंद्र व्यवस्थापक सहित चार गिरफ्तार

मथुरा जिले में एसटीएफ ने गुरुवार को गोकुल स्थित मधुसूदन इंटर कॉलेज में नकल के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। यहां कॉलेज के बाहर लिखीं गईं हाईस्कूल के अंग्रेजी विषय की परीक्षा की 18 कापियां जब्त की गईं हैं

एसटीएफ ने केंद्र व्यवस्थापक, कॉलेज प्रबंधक के पुत्र, एक शिक्षक और चपरासी को गिरफ्तार भी किया है। इस कार्रवाई के दौरान 8 लोग भाग गए। प्रशासन ने इस केंद्र पर पहली पाली में हुई परीक्षा को निरस्त करने की सिफारिश यूपी बोर्ड से की है।

गोकुल के मधुसूदन इंटर कॉलेज में पहली पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी विषय का पेपर था। एसटीएफ को इस केंद्र पर नकल के नकल  सूचना मिली थी। सुबह को ही टीम कॉलेज के आसपास पहुंच गई। एसटीएफ के कुछ लोग कॉलेज के बाहर खड़े हो गए तो कुछ स्टाफ की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।

बाहर से लाईं गई 18 कॉपियां

जब एक व्यक्ति बाहर से उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल लेकर कॉलेज की तरफ जाता दिखाई दिया तो एसटीएफ के लोग सतर्क हो गए और कॉलेज के भीतर पहुंचने पर उसे दबोच लिया गया। 18 कॉपियां थीं जो बाहर लिखी गईं थीं।

सीओ एसटीएफ श्यामकांत ने बताया कि पूरा इनपुट इकट्ठा करने के बाद यह ऑपरेशन किया गया था। केंद्र व्यवस्थापक श्रीकृष्ण शर्मा, शिक्षक टिंकु, कॉलेज प्रबंधक का बेटा आकाश शर्मा और चपरासी सुरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन चारों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

बोर्ड परीक्षाओं के पर्यवेक्षक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि जो लोग एसटीएफ ने गिरफ्तार किए हैं, उनके अलावा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वहीं इस केंद्र पर पहली पाली में हुई हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा को निरस्त करने की सिफारिश यूपी बोर्ड से कर दी गई है।

एक कॉपी लिखवाने के 20 से 30 हजार

एक कॉपी बाहर लिखवाने के लिए 20 से 30 हजार तक की रकम ली गई थी। कापियां बाहर लिखवाने के लिए बाकायदा 8 सॉल्वर की व्यवस्था की गई थी। यह सॉल्वर मथुरा और आसपास के बताए जा रहे हैं। इनके बारे में भी एसटीएफ को जानकारी हो गई है।

अधिकारियों का कहना है कि इन सभी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब पेपर खत्म हुआ तो बाहर लिखीं गईं कापियों को जमा कराई जा रहीं कापियों के बंडल में रखा जा रहा था।

इन छात्रों ने जिस उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल किया था उसे बंडल से निकाल लिया जाता और उसके स्थान पर बाहर लिखी गईं कापियों को लगा दिया जाता। एसटीएफ के इंस्पेक्टर हरीश वर्धन ने बताया कि कुछ दूसरे क्षेत्रों में भी जानकारी मिली है कार्रवाई की जा रही है।