69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : हाईकोर्ट ने एक अंक देने के मामले में PNP से 10 दिन में मांगा जवाब

69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : हाईकोर्ट ने एक अंक देने के मामले में PNP से 10 दिन में मांगा जवाब

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में नियुक्ति की मांग से जुड़ी अवमानना याचिका पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) को 10 दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने विकास तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

इसके पूर्व सुनवाई शुरू होते ही सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने हाईकोर्ट से राज्य सरकार द्वारा 25 अगस्त 2021 और 20 दिसंबर 2021 को जारी आदेश का पालन करने के लिए चार महीने का और समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने इन्कार कर दिया।


हाईकोर्ट ने पिछली तारीख में याचियों को एक अंक देने के आदेश के अनुपालन में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में पूछा था कि छह जनवरी 2023 को पीएनपी द्वारा याचियों से प्रत्यावेदन मांगने संबंधी मामले में एक अंक देने में कितना समय लगेगा।


अगर आदेश का पालन नहीं करते हैं तो अवमानना कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सुनवाई के दौरान सचिव पीएनपी ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया तो उन्होंने चार महीने का समय और दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि 10 दिन में जवाब दाखिल किया जाए।





हाई कोर्ट ने पीएनपी से पूछा- एक नंबर देने में कितना समय लगेगा?




प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई करते सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) को दस दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने विकास तिवारी व अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। पीठ ने पूछा कि याचियों को एक नंबर देने में कितना समय लगेगा।




सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी इस प्रकरण में कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने हाई कोर्ट से राज्य सरकार के 25 अगस्त 2021 और 20 दिसंबर 2021 को जारी आदेश का पालन करने के लिए चार महीने का समय और देना की मांग की। कोर्ट ने समय देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने पीएनपी को मामले में दस दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।




• 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में अवमानना याचिका

• पीएनपी सचिव को जवाब के लिए 10 दिन का समय





यह है मामलाः हाई कोर्ट ने पिछली तारीख में याचियों को एक अंक देने संबंधी आदेश के अनुपालन में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। पिछली सुनवाई में पूछा था कि पीएनपी को छह जनवरी 2023 को याचियों से प्रत्यावेदन मांगने के मामले याचियों को एक नंबर देने में आखिर कितना समय लगेगा। अगर आदेश का पालन नहीं करते हैं तो अवमानना कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। सुनवाई के दौरान पीएनपी सचिव ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया तथा और समय देने की मांग की।

बीएड वाले तैनात शिक्षकों को कराएं छह माह का ब्रिज कोर्स, 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर हाईकोर्ट का आदेश

🛑 बीएड वाले तैनात शिक्षकों को कराएं छह माह का ब्रिज कोर्स 🛑 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर हाईकोर्ट का आदेश

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में तैनात बीएड योग्यताधारक अध्यापकों को एनसीटीई के गजट आदेश के मुताबिक छह माह का ब्रिज कोर्स कराने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर विभाग की तरफ से यह ब्रिज कोर्स कराने में देरी होती है तो इससे ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।

कुमार समेत 10 शिक्षकों की दो याचिकाओं पर दिया। याचियों के वकील दीपक कुमार का कहना था कि एनसीटीई के 28 जून 2018 के गजट आदेश के तहत 69 हजार शिक्षक भर्ती में तैनात किए जाने वाले बीएड योग्यताधारक शिक्षकों को दो साल के अंदर छह माह का ब्रिज कोर्स करवाए जाने को कहा गया था। याचियों का कहना था कि उन्हें अक्तूबर 2020 में तैनाती मिली। करीब डेढ़ साल से अधिक वक्त के बाद भी उन्हें ब्रिज कोर्स नहीं कराया गया। इससे उनके हित प्रभावित हो सकते हैं।



उधर, सरकारी वकील रणविजय सिंह ने अदालत को बताया कि 25 अप्रैल को बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने राज्य सरकार को छह माह की ब्रिज कोर्स ट्रेनिंग करवाने को लिखा है। कोर्ट ने कहा की ऐसे में राज्य सरकार याचियों समेत अन्य ऐसे शिक्षकों को उनकी शुरूआती तैनाती की तारीख से दो साल के अंदर ब्रिज कोर्स ट्रेनिंग करवाना सुनिश्चित करना चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो इसका याचियों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने साफ कहा कि हर हाल में सरकार या फिर परिषद को याचियों के लिए यह ब्रिज कोर्स करवाना होगा। इस आदेश के साथ कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।

69000 शिक्षक भर्ती में गृह जनपद आवंटित न करने पर जवाब तलब

69000 शिक्षक भर्ती में गृह जनपद आवंटित न करने पर जवाब तलब


प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में बिजनौर जिला निवासी अनुसूचित जाति के याची को गृह जनपद आवंटित करने के लिए दाखिल याचिका पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य विपक्षियों से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने अमित कुमार चौधरी की याचिका पर दिया है। याचिका में सचिव उप्र बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को क्वालिटी प्वाइंट अंक व जिला वरीयता के आधार पर पुनरीक्षित आवंटन सूची जारी करने संबंधी समादेश जारी करने की मांग की गई है।


याची की तरफ से अधिवक्ता एमए सिद्दीकी ने बताया कि काउंसिलिंग के बाद शाहजहांपुर जिला आवंटित किया गया है। नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया है। याची को 62.5 क्वालिटी प्वाइंट अंक मिले हैं, जबकि विपक्षी संख्या चार से 14 तक ने उससे कम अंक प्राप्त किए हैं और उन्हें गृह जनपद आवंटित किया गया है। कोर्ट ने विपक्षियों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची का कहना है कि 1133 सीटें अभी भी खाली हैं, इसलिए उसे गृह जनपद िदया जाए।

69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत नियुक्त एवं अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण में स्थानान्तिरित शिक्षकों के सम्बन्ध में जारी शासनादेश देखें

69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत नियुक्त एवं अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण में स्थानान्तिरित शिक्षकों के सम्बन्ध में जारी शासनादेश देखें

69000 शिक्षक भर्ती : न्याय व कार्मिक विभाग की राय के बाद रिक्त पदों के सापेक्ष अभिलेखों में विसंगतियों व त्रुटियों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी

🔴69000 शिक्षक भर्ती : न्याय व कार्मिक विभाग की राय के बाद रिक्त पदों के सापेक्ष अभिलेखों में विसंगतियों व त्रुटियों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी।

🔴69000 शिक्षक भर्ती : 20 मई 2020 के बाद का जाति-निवास प्रमाणपत्र देने वाले अभ्यर्थी बाहर

🔴69000 भर्ती : आवेदन के बाद प्रमाण पत्र में संशोधन होने पर भी मिलेगी नियुक्ति, शिक्षामित्रों को भी मिली राहत, नए निर्देश जारी


लखनऊ। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित अभ्यर्थी के आवेदन के बाद अंक पत्र में विश्वविद्यालय या संबंधित शैक्षिक संस्थान के स्तर से परिवर्तन हुआ है तो अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। वहीं अभ्यर्थी ने बिना किसी रिकॉर्ड के स्वयं के स्तर पर ही वास्तविक प्राप्तांक से अधिक अंक या कम पूर्णांक अंकित करता है तो उसका चयन निरस्त किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग ने भारांक की गणना गलत होने या भारांक का लाभ प्राप्त नहीं होने के चलते नियुक्ति से वंचित रहे शिक्षामित्रों को भी राहत दी है। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सहायक अध्यापक भर्ती में रिकॉर्ड की विसंगति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

शासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती के आवेदन के बाद उनके प्रमाण पत्र या अंक पत्र में पुनर्मूल्यांकन, बैक पेपर में प्राप्त अंक या अन्य किसी कारण से प्राप्तांक में विश्वविद्यालय या संबंधित शैक्षिक संस्थान ने स्वयं परिवर्तन किया है तो ऐसे अभ्यर्थियों को त्रुटिपूर्ण आवेदन के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है।

इसके अलावा शासन ने उन अभ्यर्थियों के चयन निरस्त करने के आदेश दिए हैं जिन्होंने 28 मई 2020 के बाद का जारी जाति एवं निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है।

शिक्षामित्रों को भी मिली राहत

बेसिक शिक्षा विभाग ने भर्ती में शिक्षामित्रों को भी राहत दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षामित्रों को अधिकतम 25 भारांक प्राप्त हो गया है, लेकिन उनकी सेवा दस वर्ष से कम है। ऐसे अभ्यर्थियों की प्रति वर्ष की सेवा के 2.5 भारांक के आधार पर गणना की जाए।

शिक्षामित्र अभ्यर्थी के वास्तविक भारांक की गणना करने पर यदि संबंधित अभ्यर्थी का गुणांक संबंधित जिले में उनकी श्रेणी में अंतिम चयनित अभ्यर्थी के गुणांक से अधिक है तो उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। यदि गुणांक अंतिम चयनित अभ्यर्थी से कम है तो उनका प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

शिक्षामित्र श्रेणी का लाभ प्राप्त नहीं होने के कारण जिन 138 शिक्षामित्रों का चयन नहीं हो सका है। उनकी सेवा के आधार पर भारांक की गणना कर नियुक्ति देने या चयन निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। जिन शिक्षामित्रों के भारांक की गणना करने के बाद गुणांक यदि संबंधित श्रेणी में चयनित अंतिम अभ्यर्थी के गुणांक से अधिक है तो उनके चयन और जिला आवंटन के लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा यदि शिक्षामित्र का गुणांक उनकी श्रेणी के अंतिम चयनित अभ्यर्थी से कम है तो उनका चयन निरस्त किया जाएगा।


69 हजार शिक्षक भर्ती में 20 मई 2020 के बाद जारी जाति व निवास प्रमाण पत्र का उपयेाग करने वाले अभ्यर्थियों का चयन निरस्त किया जाएगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है।

इस भर्ती में लगभग 1000 ऐसे अभ्यर्थी थे, जिनका चयन सूची में नाम था लेकिन उनके आवेदन पत्र या मूल प्रमाण पत्रों में विसंगतियां थीं। ऐसे अभ्यर्थियों पर न्याय व कार्मिक विभाग की राय के बाद अलग से निर्णय लिया गया है।

इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। यह भर्ती 2019 से चल रही है और इसमें चयन सूची जून 2020 में जारी की गई थीं। इसमें कई ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने 20 मई के बाद का जाति-निवास प्रमाण पत्र लगाया था। 20 मई के बाद का प्रमाणपत्र लगाने वाले अभ्यर्थी अब चयन सूची से बाहर होंगे।

69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत मा0 न्यायालय के आदेश के आलोक में 31661 अध्यापकों की भर्ती एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत मा0 न्यायालय के आदेश के आलोक में 31661 अध्यापकों की भर्ती एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती : चंद अंकों से लटकी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर तलवार, सूची में फेरबदल होना तय

69000 शिक्षक भर्ती : चंद अंकों से लटकी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर तलवार, सूची में फेरबदल होना तय

प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में चंद अंकों से उत्तीर्ण होने वालों पर चयन से बाहर होने की तलवार लटक गई है। उन्हें भले ही जिला आवंटित हो चुका है लेकिन, नियुक्ति मिलने से पहले ही चयन सूची से भी बाहर हो सकते हैं। वजह, भर्ती के आवेदन फार्म में गलत प्रविष्टियां करने वालों को सुधार का मौका दिया गया है, इससे मेरिट सूची में फेरबदल होना तय है। साथ ही कई अभ्यर्थियों का आवंटित जिला भी बदल सकता है।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में वैसे तो 1,46,060 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे। लेकिन, नियुक्ति पाने के लिए आवेदन सिर्फ 1,36,621 ने किया था। जो अभ्यर्थी इस प्रक्रिया से बाहर रहे जिनके गुणांक कम थे या फिर उनके आवेदन में खामियां थी। परिषद ने प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति के लिए 67867 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित किया था। जिला आवंटन सूची में जो अभ्यर्थी कम गुणांक पर शामिल हैं, वे अब नए अभ्यर्थियों के आने से बाहर हो सकते हैं। प्रतियोगियों का कहना है कि आवेदन फार्म में गलतियां सुधार वालों की संख्या काफी अधिक है। उनके आने से चयन गुणांक बढ़ेगा और कई अभ्यर्थियों का जिला आवंटन बदल सकता है। शीर्ष कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है, फैसला सुरक्षित है। कोर्ट फैसला कब सुनाएगा, स्पष्ट नहीं है।

69000 शिक्षक भर्ती:- गैर जमानती वारंट तामील करा रही पुलिस

69000 सहायक शिक्षक भर्ती में वांटेड स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के बाद पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरूकर दी है। प्रयागराज जिले के अलावा प्रतापगढ़ और भदोही के रहने वाले आरोपियों के घर एनबीडब्ल्यू तामील कराया जा रहा है। इसके बाद भी आरोपी हाजिर नहीं हुए तो भगोड़ा घोषित कर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों में स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, प्रतापगढ़ के दुर्गेश, भदोही के मायापति दुबे और डॉ. कृष्ण लाल पटेल के रिश्तेदार समेत सात आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। आरोपियों में भट्ठा संचालक मायापति दुबे ने कोर्ट से 4 हफ्ते का समय लिया है। मायापति ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया तो उसके खिलाफ एसटीएफ विधिक कार्रवाई करेगी। एसटीएफ प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि जिन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुआ है, उनके घर वारंट तामील कराया जा रहा है। प्रतापगढ़ जिले के अंतू और भदोही जिले के रहने वाले आरोपियों के अलावा प्रयागराज में धूमनगंज, फूलपुर, बहरिया और नवाबगंज थाने की पुलिस को एनबीडब्ल्यू दिया गया। स्थानीय पुलिस आरोपियों के घर जाकर तामीला करा रही है। पुलिस कोर्ट का आदेश लेकर आरोपियों के परिजनों को जानकारी दे रही है। उन्हें बता दिया गया है कि वारंट जारी है, इसके बाद भी हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ आगे कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

टीईटी फेल वालों को भी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा करा दिया पास, एसटीएफ की जांच में सामने आई बात

टीईटी फेल वालों को भी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा करा दिया पास, एसटीएफ की जांच में सामने आई बात

प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैस-वैसे चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पता चला है कि नकल माफिया गिरोह ने ऐसे अभ्यर्थियों को भी परीक्षा पास करा दी, जो टीईटी तक में उत्तीर्ण नहीं हो सके। गिरोह के कब्जे से मिली डायरी में लिखे नाम वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है।

शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए नकल मफिया गिरोह सरगना केएल पटेल समेत अन्य के कब्जे से डायरी बरामद हुई थी। इसमें कई अभ्यर्थियों के नाम थे जो न सिर्फ शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास हुए थे बल्कि उन्होंने अच्छे खासे नंबर भी हासिल किए थे। विवेचना के दौरान एसटीएफ ने इन अभ्यर्थियों की जांच पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि इनमें ऐसे भी अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा में तो पासिंग नंबर आसानी से हासिल कर लिए लेकिन वह टीईटी तक पास नहीं कर पाए।यह अभ्यर्थी नकल माफिया गिरोह के संपर्क में थे और गिरोह की मदद से ही उन्होंने परीक्षा पास की। हालांकि बेसिक जानकारी न होने के कारण वह टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर सके। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि डायरी में एक महिला अभ्यर्थी का भी नाम था जो परीक्षा में उत्तीर्ण थी। लेकिन जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह टीईटी में पास नहीं हो सकी।

तीन अभ्यर्थी भेजे जा चुके हैं जेल

शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में अब तक कुल 14 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें से तीन अभ्यर्थी भी हैं। दो अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल व विनोद कुमार को सोरांव पुलिस ने जेल भेजा था जबकि बलवंत कुमार नाम के एक अभ्यर्थी को हाल ही में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों की मानें तो गिरोह के संपर्क में रहने वाले कई अन्य अभ्यर्थी भी एसटीएफ के रडार पर हैं।

69000 शिक्षक भर्ती : स्कूल प्रबंधक समेत सभी आरोपी होंगे भगोड़ा घोषित

द्रमा यादव समेत अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के बाद अब एसटीएफ उन्हें भगोड़ा घोषित कराने में लगी है । कोर्ट खुलते ही कार्रवाई की जाएगी। उन पर इनाम घोषित कराया जाएगा। इस दौरान अगर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो पुलिस कोर्ट के आदेश पर उनके घरों की कुर्की करेगी।