“पढ़े भारत बढ़े भारत” प्रिंट समृद्ध वातावरण व लाइब्रेरी प्रबंधन प्रशिक्षण

नगर संसाधन केंद्र जनपद फतेहपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रिंट समृद्ध वातावरण तथा लाइब्रेरी प्रबंधन के विषय में दिनांक 11/3/2019 से 13/3/2019 तक संपादित हुआ।

उक्त प्रशिक्षण में प्रशिक्षक के रूप में श्रीमती नीलम भदोरिया, श्री अमरदीप द्विवेदी व श्री ओम दत्त तिवारी जी से प्रशिक्षित होने का सभी को शुभ अवसर प्राप्त हुआ। प्रस्तुत प्रतिवेदन दिनांक 13/3/2019 का है जिसका उत्तरदायित्व मुझे सौंपा आपके सामने अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त हुआ यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

सदन का प्रारंभ कक्ष की साफ सफाई उसके पश्चात ईश्वर की उपासना से हुआ।क्रम से सदन की क्रियाशीलता को बनाए रखने हेतु सुविचार, प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत कर प्रशिक्षण को अलंकृत किया गया। प्रशिक्षण प्रारंभ होते ही आरंभिक स्तर की गणित में छात्रों को सरल से सरल ढंग से किस प्रकार समझाया जा सके इसके अंतर्गत कई सुझाव दिए गए जो निम्नलिखित है-

1- जोड़ में कई विचार आए और सर्वोत्तम प्रक्रिया रुपए के लेनदेन की मानी गई।

2- घटाने की प्रक्रिया में भी लेनदेन को ही छात्रों के मन मस्तिष्क में अंकित हो जाने वाली विधि को मानी गई।

3- गुणा की अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए जोड़ की पुनरावृति तथा सामूहीकरण ही सर्वोत्तम विधि है यह माना गया, ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह सभी विधियां कक्षा 1 और कक्षा 2 के छात्रों के लिए है अतः संख्याएं छोटी और सरल ही होंगी इसी दौरान ईट के 28 लाखों पर भी चर्चा की गई।

4- कक्षा 1 व 2 में भारत की स्थिति व समझ को विकसित करने हेतु वस्तुओं के संकलन को बराबर बराबर हिस्सों में बांट कर सरलता पूर्वक समझाया जा सकता है।

इसके उपरांत प्रशिक्षक श्रीमती नीलम भादौरिया जी ने स्वरचित कविता को पूरे सदन में गाया और प्रशिक्षण ले रहे अध्यापकों को गाने के लिए प्रेरित किया, स्वरचित कविता में कई छात्र या छात्रा एक ऐसी कलम की संकल्पना करते हैं जो की जादुई छड़ी के समान हो और उससे वह विभिन्न प्रकार के अपने काम को करा सके “कलम बनी हो ऐसी छड़ी जादुई जैसी”।

कविता के समाप्त होते तक छात्र यह समझ जाता है कि ऐसी कोई छड़ी है ही नहीं और उस छड़ी को उसे स्वयं ही बनना पड़ेगा अर्थात कलम की शक्ति से सभी सपने साकार होंगे, गतिविधि गीत के पश्चात गणितीय कौशलों में आकृतियों पर चर्चा हुई तथा प्रशिक्षकों को क्रियाविधि के रूप में गणित की विभिन्न आकृतियों को दर्शाने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ, इस क्रिया विधि के पश्चात लिखित समृद्धि वातावरण पर विस्तृत से चर्चा हुई।

जिला समन्वयक श्री जितेंद्र सिंह जी द्वारा सदन को प्रशिक्षण के लाभ व उसकी महत्ता के विषय में बताते हुए सजग रहने का अनुरोध किया गया इसके साथ ही शिक्षकों को दोपहर का भोजन यूपीएस महात्मा गांधी के प्रांगण में करने का अवसर मिला भोजन के उपरांत सभी ब्लॉकों से आए हुए अध्यापक को प्रोजेक्ट कार्य दिया गया एक प्रोजेक्ट कार्य में 2 ब्लाक के शिक्षक – शिक्षिकाओं को संलग्न कर निम्न प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कहा गया-

1- PRE कैलेंडर

2-परिवेश में वस्तुओं का संकलन

3- PRE पहेली

4-शब्द झालर

5-चित्र द्वारा कहानी

6- गतिविधि आधारित कहानी

7-शब्द दीवार

सभी ने प्रोजेक्ट पूरा कर उसका प्रस्ताव की प्रस्तुतीकरण किया।

आभार 🙏

डॉक्टर श्रद्धा अवस्थी (सहायक अध्यापक)

यूपीएस सनगांव

शिक्षा क्षेत्र हसवा फतेहपुर

फतेहपुर : प्रत्येक ब्लॉक के चार-चार शिक्षक तीन दिवसीय पुस्तकालय प्रबंधन का ले रहे प्रशिक्षण, प्रशिक्षण पूरा कर अपने ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षकों को करेंगे ट्रेंड।

फतेहपुर : प्रत्येक ब्लॉक के चार-चार शिक्षक तीन दिवसीय पुस्तकालय प्रबंधन का ले रहे प्रशिक्षण, प्रशिक्षण पूरा कर अपने ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षकों को करेंगे ट्रेंड।