चुनाव तक कार्यमुक्त नहीं होंगे स्थानांतरित शिक्षक ,वोट के फेर में तो नहीं फंस गई तबादला सूची?


बेसिक शिक्षा विभाग की तबादला नीति शायद राजनीति की भेंट चढ़ गई है। करीब 20 दिन बाद भी सूची नहीं आ सकी है, जबकि शासन ने प्रदेश के शिक्षकों की संख्या पहले ही जारी कर दी थी। परिषदीय शिक्षकों के अब तक तबादले की संख्या या सूची के सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं।

सूबे में परिषदीय स्कूलों के 21 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं अंतरजनपदीय तबादला करने की बात दिसम्बर 2020 के अंतिम सप्ताह में कही थी। उसके बाद गैरजनपदों में तबादला मांगने वाले सहायक अध्यापकों के चेहरे पर खुशी झलकने लगी।
 लेकिन करीब 20 दिन बाद भी तबादला सूची न आने से सबके चेहरे लटके हुए हैं। शासन से तबादला होने की वजह से पहुंच वाले लोग सचिवालय के भी चक्कर लगा रहे हैं। कई शिक्षक-शिक्षिकाएं नेताओं के यहां भी गणेश परिक्रमा करने में जुटे हैं। 

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