इनकम टैक्स स्लैब: Income Tax Slab for F.Y– 2022-23(A.Y– 2023-24) for Individuals

इनकम टैक्स स्लैब: Income Tax Slab for F.Y– 2022-23(A.Y– 2023-24) for Individuals

स्कूल ड्रॉपआउट रोकेगा नीदरलैण्ड का अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, इस प्रणाली को समझने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की टीम मा0 बेसिक शिक्षा मंत्री जी के नेतृत्व में पहुंची नीदरलैण्ड।

स्कूल ड्रॉपआउट रोकेगा नीदरलैण्ड का अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, इस प्रणाली को समझने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की टीम मा0 बेसिक शिक्षा मंत्री  जी के नेतृत्व में पहुंची नीदरलैण्ड।

बेसिक शिक्षा विभाग- सत्र के पहले दिन ही कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों को सभी विषयों की किताबें देने की तैयारी, एक व दो की किताबें भी जल्द पहुंचेंगी

सत्र के पहले दिन ही कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों को सभी विषयों की किताबें देने की तैयारी, एक व दो की किताबें भी जल्द पहुंचेंगी

लखनऊ। एक अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र में पहली बार पहले ही दिन बच्चों को सभी विषयों की किताबें मिल जाएंगी। इससे पठन-पाठन सुचारु रूप से संचालन करने में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आसानी होगी। विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।

पूर्व में नया सत्र शुरू होने के महीनों बाद तक किताबों का वितरण होता रहता था। इससे शुरुआत के महीनों में पठन-पाठन व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाती थी। लेकिन इस बार बेसिक शिक्षा विभाग ने किताबों की आपूर्ति से जुड़ी प्रक्रिया काफी पहले शुरू कर दी। इसका असर रहा कि इस बार सत्र शुरू होने से पहले ही कक्षा तीन से आठ तक की 95 फीसदी किताबें स्कूलों में पहुंच चुकी हैं।


विभाग के अनुसार प्रदेश में लगभग 11 करोड़ किताबों की आपूर्ति की जा चुकी है। इस बार एक-एक विषय की किताबें नहीं, बल्कि पहले दिन ही सभी विषय की किताबों का बंच बच्चों को दिया जाएगा। विभाग ने पहले दिन ही किताब वितरण के निर्देश दिए हैं। हाल में योगी सरकार के एक साल पूरे होने पर श्रावस्ती, इटावा, हापुड़ आदि जिलों में जनप्रतिनिधियों व अफसरों ने बच्चों को पाठ्य पुस्तक का वितरण कर भी दिया है।



लगभग सभी स्कूलों तक कक्षा तीन से आठ की 11 करोड़ किताबें पहुंच गई हैं। सभी बीएसए को पहले दिन इनका वितरण कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। अप्रैल मध्य तक कक्षा एक व दो की भी किताबें पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है। – विजय किरन आनंद, – महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

PFMS पोर्टल : लटका भुगतान, पंजीकृत वेंडर को किया भुगतान, खाते में नहीं पहुंची रकम, तकनीक नई पड़ी भारी

PFMS पोर्टल : लटका भुगतान, पंजीकृत वेंडर को किया भुगतान, खाते में नहीं पहुंची रकम, तकनीक नई पड़ी भारी

लखनऊ। परिषदीय स्कूलों के शिक्षक विकास कार्य कराने के बाद पीएफएमएस पोर्टल (सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली) से भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। बेसिक शिक्षकों ने बताया कि पीएफएमएस पोर्टल से भुगतान करने के लिए उन्हें सही से प्रशिक्षित ही नहीं किया गया। ऊपर से मार्च अंत में लगातार भेजी गई धनराशि, कंपोजिट ग्रांट, एसीआर, चहक और टीएलएम आदि मदों में आए पैसे को 31 मार्च से पूर्व खर्च करने का दबाव भी है। बताते हैं बैंकिंग क्षेत्र पर भी मार्च का डिजिटल दबाव भी समस्या को और भयावह बना रहा है।

पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत वेंडर के बैंक खाते में ही विकास कार्य के सापेक्ष धनराशि ट्रांसफर करनी होती है। यह प्रक्रिया काफी जटिल है। पीएफएमएस के लिए पहले पोर्टल से पीपीए प्रपत्र जनरेट कर डाउनलोड करना होगा। इस पर प्रबंध समिति यानी एसएमसी के अध्यक्ष व सचिव के हस्ताक्षर होंगे। फिर यह भुगतान के लिए बैंक में जाएगा। पीपीए जनरेट होने के बाद भी कई स्कूलों का भुगतान लटक रहा है। वहीं, कई स्कूल सर्वर धीमा होने से पीपीए जनरेट भी नहीं कर पा रहे हैं। यदि 31 मार्च से पहले ट्रांजेक्शन सफल नहीं हुआ तो पैसा लैप्स होने का खतरा है। ऐसे में उन शिक्षकों को अधिक दिक्कत होगी जिन्होंने अपने निजी संबंधों पर एडवांस में काम करवा लिया है और पीएफएमएस से भुगतान लटक गया है। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि जिन शिक्षकों ने सही ढंग से पीपीए जनरेट कर लिया है, उनका पैसा लैप्स नहीं होगा।


काम भी अटका, भुगतान भी लटका

कई शिक्षकों ने बताया कि पीएफएमएस पोर्टल से भुगतान का प्रयास किया तो बैंक खाते से पैसे कट गए लेकिन वेंडर के खाते में नहीं पहुंचे। लेखाधिकारी कार्यालय में कोई इस बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रहा है। ऐसे में काम व भुगतान दोनों लटक गए हैं। प्रशिक्षण के अभाव में कुछ समझ नहीं आ रहा है।


जिम्मेदार तुरंत लें सटीक निर्णय

बैंक द्वारा पैसा वेंडरों के खाते में नहीं जाने के स्थान पर वापस हो रहा है। शिक्षकों को डर है कि कहीं ये पैसा महीने के अंत में लैप्स न हो जाए। इस पर निर्णय लिया जाना अति आवश्यक है। – विनय कुमार सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन

NPS योजनांतर्गत परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक/कर्मचारी के टियर 1 खातों में सरकारी अंशदान हेतु लगभग 5 अरब की धनराशि जारी

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परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षाओं हेतु उत्तर पुस्तिका की व्यवस्था हेतु क्रमशः 7.50₹ एवं 15₹ का बजट SMC खातों में जारी, देखें

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प्रबन्ध पोर्टल पर व्यय विवरण अद्यावधिक किये जाने के संबंध में

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69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : हाईकोर्ट ने एक अंक देने के मामले में PNP से 10 दिन में मांगा जवाब

69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : हाईकोर्ट ने एक अंक देने के मामले में PNP से 10 दिन में मांगा जवाब

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में नियुक्ति की मांग से जुड़ी अवमानना याचिका पर सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) को 10 दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने विकास तिवारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

इसके पूर्व सुनवाई शुरू होते ही सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने हाईकोर्ट से राज्य सरकार द्वारा 25 अगस्त 2021 और 20 दिसंबर 2021 को जारी आदेश का पालन करने के लिए चार महीने का और समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने इन्कार कर दिया।


हाईकोर्ट ने पिछली तारीख में याचियों को एक अंक देने के आदेश के अनुपालन में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में पूछा था कि छह जनवरी 2023 को पीएनपी द्वारा याचियों से प्रत्यावेदन मांगने संबंधी मामले में एक अंक देने में कितना समय लगेगा।


अगर आदेश का पालन नहीं करते हैं तो अवमानना कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सुनवाई के दौरान सचिव पीएनपी ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया तो उन्होंने चार महीने का समय और दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि 10 दिन में जवाब दाखिल किया जाए।





हाई कोर्ट ने पीएनपी से पूछा- एक नंबर देने में कितना समय लगेगा?




प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में नियुक्ति की मांग से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई करते सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) को दस दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने विकास तिवारी व अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। पीठ ने पूछा कि याचियों को एक नंबर देने में कितना समय लगेगा।




सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी इस प्रकरण में कोर्ट के सामने पेश हुए। उन्होंने हाई कोर्ट से राज्य सरकार के 25 अगस्त 2021 और 20 दिसंबर 2021 को जारी आदेश का पालन करने के लिए चार महीने का समय और देना की मांग की। कोर्ट ने समय देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने पीएनपी को मामले में दस दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।




• 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में अवमानना याचिका

• पीएनपी सचिव को जवाब के लिए 10 दिन का समय





यह है मामलाः हाई कोर्ट ने पिछली तारीख में याचियों को एक अंक देने संबंधी आदेश के अनुपालन में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। पिछली सुनवाई में पूछा था कि पीएनपी को छह जनवरी 2023 को याचियों से प्रत्यावेदन मांगने के मामले याचियों को एक नंबर देने में आखिर कितना समय लगेगा। अगर आदेश का पालन नहीं करते हैं तो अवमानना कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। सुनवाई के दौरान पीएनपी सचिव ने जवाबी हलफनामा दाखिल किया तथा और समय देने की मांग की।

प्रधान ने हेड मास्टर को चप्पलो से पीटा , शिक्षको में भारी आक्रोश, मुकदमा दर्ज

प्रधान ने हेड मास्टर को चप्पलो से पीटा , शिक्षको में भारी आक्रोश, मुकदमा दर्ज

जौनपुर। सरायखाजा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय चक इमामअली मुडैला के हेड मास्टर को लाठी डण्डे व चप्पलों से पीटने का आरोप गांव के प्रधान पर लगा है। इतना ही नही मेज पर रखा सभी अभिलेख फाड़ने और तोड़फोड़ करने का इल्जाम भी प्रधान के सिर पर आया है। स्कूल में घुसकर प्रधानाध्यापक की पिटाई होने की खबर मिलते ही शिक्षको में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने घटना की घोर निंदा करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही आरोपी प्रधान के खिलाफ कठोर कार्रवाई नही किया गया तो एमडीएम का बहिष्कार किया जायेगा। उधर पुलिस ने आरोपी प्रधान के खिलाफ कई गम्भीर धाराओ में मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू कर दी है।




इस वारदात के पीछे एमडीएम में छात्र संख्या बढ़ाने के मामला बताया जा रहा है।



मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को शाहगंज ब्लाक प्राथमिक विद्यालय चक इमामअली मुडैला शिक्षक पठन पाठन कार्य में मशगूल थे इसी बीच करीब साढ़े 11 बजे गांव के प्रधान संतोष कुमार सोनकर विद्यालय पहुंच गये किसी बात को लेकर ग्राम प्रधान व हेड मास्टर दयाशंकर यादव के बीच विवाद हो गया। प्रधानाध्यापक द्वारा दी गयी थाने में तहरीर के अनुसार ग्रामप्रधान एमडीएम में छात्र संख्या बढ़ाने का दबाव बना रहे थे मैने मना कर दिया तो प्रधान ने लाठी डण्डे और चप्पलो से मुझे पीट तथा मेज रखे अभिलेख फाड़ा और तोड़फोड़ किया।

समग्र शिक्षा के पदीय दायित्वों के निर्वहन, निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु जनपद स्तर पर वाहन की व्यवस्था के सम्बन्ध में।

समग्र शिक्षा के पदीय दायित्वों के निर्वहन, निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु जनपद स्तर पर वाहन की व्यवस्था के सम्बन्ध में।