प्रधानाध्यापक पर जबरन संबंध बनाने का दबाव बनाने का शिक्षिका का आरोप

Teacher accused of pressurizing the headmaster to have a forced relationship

Teacher’s allegation, threat of suspension for not having relationship

There was a stir in the Basic Education Department when the matter came to the fore.

Dibiyapur / Kanchausi. A teacher of a council school in the area has accused the school headmaster of forcing her to have an illicit relationship. It is alleged that he has threatened to be suspended from the job if he does not make a relationship. The department has constituted a three-member committee to probe the matter.

In the complaint letter given at Dibiyapur police station, the teacher alleged that she was working as an assistant teacher. On August 8, the victim reached the school at the scheduled time. The Principal spoke indecent and indecent words to the victim. It was alleged that the headmaster used to pressurize the victim to have a relationship in the past. But the victim always opposed it. Due to protesting, the accused headmaster threatened to suspend him from the job. There has been a stir among council teachers after the teacher made serious allegations against the headmaster. The police department daily packages has said to investigate the matter and take action. Whereas BSA has constituted a three-member committee in this matter. The case is being investigated.

Said responsible — Controversy has come to the fore between the teachers in the school. A committee has been formed by the Basic Education Officer to investigate this. This includes Diet Spokesperson Kalpana Jaiswal, Block Education Officer Headquarters Awadhesh Sonkar and Auraiya’s Block Education cornhole distance Officer Ajay Vikram Singh. Action will be taken on the basis of the investigation report. Upendra Kumar Vishwakarma, Block Education Officer

मुद्दा 3 बार काल न उठाने पर अन्य विभागों में क्या ऐसा होगा।??

मैं दमकल विभाग को 3 बार फोन करू न उठे तो क्या कार्यवाही होगी?

मैं बिजली विभाग को 3 बार काल करू न उठे तो क्या कार्यवाही होगी?

मैं अपने लेखपाल को 3 बार काल करू न उठे तो क्या कारवाही होगी?

क्या मैं अपने थाने पर 3 बार काल करू न उठे तो क्या कार्यवाही होगी?

मैं किसी सरकारी हॉस्पिटलमें 3 बार काल करू न उठे तो क्या कार्यवाही होगी?

किसी भी अधिकारी को 3 बार काल करू न उठे तोकार्यवाही होगी?

शिक्षक किसी कार्य से अपने BSA महोदय को 3 बार काल करे और न उठे तो क्या नियम होगा?

शिक्षक किसी कार्य से अपने ABSA को 3 बार काल करे न उठे तो क्या नियम होगा?

क्या अपने विधायक को 3 बार काल करू न उठे तो क्या कार्यवाही होगी? (फोन खर्च के रूप में 15000 तक मिलते है साथ ही फोन खरीदने के भी।)

क्या अपने सांसद को 3 बार काल करू उ उठे तो कार्यवाही होगी? (इन्हें भी सिर्फ फोन के लिए 15000 तक हर माह मिलता है)

जवाब होगा नहीं जबकि इन सबको काल उठाने के लिए फोन सिम रिचार्ज सब मिला हैं।

कारवाही होगी सिर्फ मास्टर के साथ मास्टर न हो गया अपराधी हो गया जांच के लिए-
प्रदेश टीम
AD बेसिक टीम,
BSA टीम,
ABSA टीम,
SRG टीम,
डायट मेंटर टीम,
ARP टीम के
DM और CDO की भी टीम
बीच बीच में टास्क फोर्स भी

फिर भी भरोसा नहीं है सब जांच में मास्टर बच जा रहा है ये बर्दास्त ही नही हो रहा।

अब मास्टर जी लोग खुद सोचें किउन्हें क्या करना चाहिए, साथ ही मास्टरों के रहनुमायो को सोचना चाहिए की शिक्षको के अपमान की सीमा क्या है . . . . .

‘बाबू’ बन गए परिषदीय शिक्षक, कैसे पढ़ाएं

बाबू’ बन गए परिषदीय शिक्षक, कैसे पढ़ाएं

फतेहपुर/खागा, आरटीई एक्ट के मुताबिक प्राथमिक शिक्षकों को चुनाव, जनगणना व आपदा कार्यों के अतिरिक्त अन्य गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जा सकते हैं लेकिन धरातल पर कानून का पालन होता नहीं दिख रहा है। बच्चों को शिक्षा देने की बजाए परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इन दिनों अपने स्मार्टफोन से बाबुओं का काम करने में जुटे हैं। इन हालात में बच्चों की शिक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावक भी शिक्षकों के ऐसे हालात की जानकारी पर अवाक हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग जब से अपने कामों को आनलाइन मोड में करने लगा है तब से अधिकांश बेसिक शिक्षक मोबाइल फोन पर व्यस्त मिलते हैं। डीबीटी, आधार सत्यापन, प्रेरणा पोर्टल, साक्षरता परीक्षा की फीडिंग व यू डायस में बच्चों का विवरण भरने से लेकर यू ट्यूब सेशन ज्वाइन करने जैसे काम शिक्षकों द्वारा किए जा रहे हैं। ऐसे में कैसे बच्चों को पढ़ाएंगे आसनी से समझा जा सकता है।

20 मार्च से वार्षिक गृह परीक्षाओं का आयोजन होना है लेकिन शिक्षकों के पास बच्चों को पढ़ाने के समय नहीं है। शिक्षक 19 मार्च को होने वाली साक्षरता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। एनआईएलपी ऐप पर निरक्षरों की फीडिंग, रजिस्ट्रेशन प्रपत्र भराने के साथ परीक्षा की तैयारी की जा रही है। 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा संभालने वाले शिक्षक अब 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की साक्षरता का कामकाज भी देख रहे हैं। यूडायस प्लस में बच्चों का आनलाइन विवरण भी काफी समय जाया कर रहा है।

बुुद्धिजीवी बोले, शिक्षकों पर लदे काम से कैसी शिक्षा

पूरे मामले पर बुुद्धिजीवी कहते हैं कि डीबीटी, आधार सत्यापन, प्रेरणा पोर्टल, साक्षरता परीक्षा की फीडिंग व यू डायस में बच्चों का विवरण भरने जैसे कायोको शैक्षणिक कार्य कैसे माना जा सकता है। इन कार्यों से बच्चों को कहां शिक्षा प्राप्त हो रही है। साफ तौर पर कहा कि पढ़ाई के अलावा शिक्षकों से कराए जा रहे कार्यों को क्लर्कों से कराया जाना चाहिए लेकिन अधिकांश बेसिक स्कूलों में क्लर्क छोड़िए, सफाईकर्मी व चपरासी भी नहीं हैं। ऐसे में केवल और केवल बच्चों की पढ़ाई ही प्रभावित हो रही है।

लापरवाही पर तीन शिक्षक निलंबित, बीएसए ने तीन शिक्षक निलंबित ।

लापरवाही पर तीन शिक्षक निलंबित, बीएसए ने तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है,,,।।। 👇

बीएसए कौस्तुभ सिंह ने ब्लॉक सदर क्षेत्र के कंपोजिट स्कूल जलालपुर पनवारा के सहायक अध्यापक राहुल गुप्ता को निलंबित कर दिया है। उन्होंने छात्र की मां का नाम गलत फीड किया था इस वजह से यूनिफार्म का 1200 रुपये का लाभ नहीं मिला।

इसी स्कूल के ही सहायक अध्यापक राजनारायन ने भी यही गलती की। इतना ही नहीं स्वयं रिपोर्टिंग अफसर बनकर 12 दिन का अवकाश मानव संपदा पोर्टल पर भेज दिया।

बीईओ ने बीएसए को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि 28 अक्तूबर को जब उन्होंने ब्लॉक हसेरन क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया तो धर्मेंद्र शराब के नशे में मिले।

इससे स्कूल का माहौल खराब हो रहा है। बीएसए ने राहुल गुप्ता को निलंबित कर प्राथमिक स्कूल प्रेमपुर में संबद्ध कर दिया है। राजनरायन को निलंबित कर ब्राह्मणपूर्वा प्राथमिक स्कूल और धर्मेंद्र कुमार का निलंबन कर उच्च प्राथमिक स्कूल बिहारीपुर से संबद्ध कर दिया है।

स्कूटी सवार शिक्षिका ट्रक के चक्के के नीचे दबने से घटना स्थल पर ही मौत



पूराबाजार /अयोध्या, अयोध्या-अम्बेडकर नगर मार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे स्कूटी सवार शिक्षिका पूराबाज़ार के पूर्वी छोर पर ट्रक की चपेट में आ गयी, जिससे घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जनपद अंबेडकर नगर कोतवाली मोजनपुर निवासी नम्रता सिंह (27) शिक्षा क्षेत्र मया बाजार के कमपोजिट विद्यालय दामोदरपुर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी। जो अयोध्या शहर में कमरा लेकर रहती थी। शुक्रवार सुबह करीब 8:30 स्कूटी से शहर से विद्यालय के लिए निकली। वह अयोध्या-अंबेडकनगर मार्ग पर पूरा बाजार के पूर्वी छोर पर श्रीपति सिंह फिलिंग स्टेशन के पास पहुंची कि सड़क व पुल का निर्माण होने से दाहिने तरफ से वाहन पास कराए जा रहे थे। उसी दौरान वह ट्रक के चपेट में आ गई।

स्कूटी सवार शिक्षिका ट्रक के बाएं चक्के के नीचे दब गई और घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घंटों मार्ग जाम रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और ट्रक को कब्जे में लेकर मार्ग से जाम हटवाया। चौकी इंचार्ज पूरा बाजार राम अवतार राम ने बताया कि ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है, शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग – प्रमुख सचिव महोदय बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता संगठन की बैठक खत्म

प्रमुख सचिव महोदय बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता संगठन की बैठक खत्म

प्रमुख सचिव महोदय बेसिक शिक्षा की अध्यक्षता संगठन की बैठक खत्म।


प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतम 08 और जूनियर हाई स्कूलों में अधिकतम रहेंगे 06शिक्षक।


पारस्परिक स्थानांतरण हेतु भी जारी होगा आदेश।


जिले के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शुरू होगी अंतर जनपदीय स्थानांतरण।


जनपद के अंदर स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत शुरू होगी पदोन्नति प्रक्रिया।


प्रत्येक माह संगठन के साथ प्रमुख सचिव महोदय की अध्यक्षता में होगी बैठक।जिसमें सभी शीर्ष अधिकारी रहेंगे मैजूद।


ग्रामीण क्षेत्र और नगर क्षेत्र का एक किया जाएगा संवर्ग।


बैठक में विजय किरन आनन्द जी महानिदेशक स्कूल शिक्षा,शुभ्रा सिंह जी शिक्षा निदेशक बेसिक,रोहित त्रिपाठी जी अपर परियोजना निदेशक,प्रदेश उपाध्यक्ष अनन्त कुमार जी उपस्थित रहे।


बैठक के संचालक और आयोजक प्रताप सिंह बघेल जी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश रहे।

UP में शिक्षकों को बड़ा तोहफा, गांव के परिषदीय स्कूलों में 10 वर्ष की सेवा दे चुके शिक्षकों का शहर में होगा तबादला

UP में शिक्षकों को बड़ा तोहफा, गांव के परिषदीय स्कूलों में 10 वर्ष की सेवा दे चुके शिक्षकों का शहर में होगा तबादला

उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा परिषद (UP Basic Education) के प्राइमरी (Primary School) तथा जूनियर हाई स्कूल (Junior High School) के शिक्षा के स्तर को ऊपर लाने के क्रम में लगातार बड़े प्रयोग कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने अब ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे सहायक अध्यापकों का नगर क्षेत्र के स्कूलों में तबादला करने का फैसला किया है।

नगर के स्कूलों में शिक्षकों के 77 प्रतिशत तक पद खाली
ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों में 10 वर्ष तक की सेवा दे चुके सहायक अध्यापकों को नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत तय मानक के अनुसार नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 77 प्रतिशत पद और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 40 प्रतिशत तक पद खाली हैं। शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती पर रोक और लगातार शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने के कारण स्थिति काफी खराब है। अंतर जनपदीय तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।



ऐसे स्कूल जहां दो या कम शिक्षक वह आवेदन के पात्र नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे स्कूल जहां दो या उससे कम शिक्षक हैं, तो उस स्कूल के शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। महिलाओं, दिव्यांगों व असाध्य रोगी शिक्षकों को स्थानांतरण में वरीयता दी जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एनआइसी की मदद से अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए पोर्टल तैयार किया गया है। जल्द आनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। जिलों में स्थानांतरण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष होंगे, बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य-सचिव और जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य व बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।


नगर क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के 13,349 पद हैं खाली
प्रदेश के नगर क्षेत्रों के कुल 3,906 प्राथमिक स्कूलों में 4.29 लाख छात्र पढ़ते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कुल 14,939 शिक्षक होने चाहिए लेकिन 3,390 शिक्षक ही हैं। ऐसे में नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में 11,549 शिक्षकों की कमी है। यानी 77 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं नगर क्षेत्र के कुल 1,198 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1.08 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। मानक के अनुसार 4,430 शिक्षक होने चाहिए लेकिन सिर्फ 2,630 शिक्षक ही हैं। ऐसे में उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1,800 पद खाली हैं। प्राथमिक स्कूलों व उच्च प्राथमिक स्कूलों दोनों को मिलाकर कुल 13,349 शिक्षकों की जरूरत है।


इन मानकों के आधार पर तय की जाएगी तबादले के लिए मेरिट
ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों से नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में स्थानांतरण के लिए आठ मानकों के आधार पर मेरिट तय की जाएगी। शिक्षक को सेवा के प्रत्येक वर्ष पूर्ण करने पर एक अंक मिलेगा। इसके अधिकतम 15 अंक होंगे। असाध्य रोगों से ग्रस्त शिक्षक स्वयं या उनके पति व अविवाहित बच्चे हैं तो 15 अंक, शिक्षक स्वयं दिव्यांग है या उनके पति व अविवाहित बच्चे दिव्यांग हैं तो 10 अंक, ऐसे शिक्षक जिनके पति या पत्नी सेना व अर्द्धसैनिक बलों में तैनात हैं तो 10 अंक, एकल अभिभावक होने पर 10 अंक, अध्यापक अगर महिला है तो पांच अंक, राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले अध्यापकों को पांच अंक व राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को तीन अंक दिए जाएंगे।

आदेश के लिए नीचे क्लिक करें👆

BASIC TEACHER TRANSFER SAMAYOJAN (अंतः जनपदीय स्थानांतरण) / ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र में अवस्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों विकल्प के आधार पर स्थानातरण के सम्बंध में।

प्रधानाध्यापिका ने अनुपस्थित शिक्षिका और शिक्षामित्रों के फर्जी हस्ताक्षर किए, निलंबित

प्रधानाध्यापिका ने अनुपस्थित शिक्षिका और शिक्षामित्रों के फर्जी हस्ताक्षर किए, निलंबित

मैनपुरी। परियोजना निदेशक की रिपोर्ट पर प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया। परियोजना निदेशक ने 12 अक्तूबर को विकास खंड जागीर के प्राथमिक विद्यालय भारापुर का निरीक्षण किया था। इस दौरान विद्यालय में तैनात शिक्षिका कीर्ति, शिक्षामित्र शैलेंद्र सागर और साधना अनुपस्थित मिली थीं। परियोजना निदेशक ने पाया कि प्रधानाध्यापिका ने अनुपस्थित शिक्षिका और शिक्षामित्रों के फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। परियोजना निदेशक को एमडीएम उपस्थिति में भी फर्जीवाड़ा मिला। 61 छात्र उपस्थित थे। एमडीएम रजिस्टर में 110 दर्शाए गए थे।

परियोजना निदेशक केके सिंह ने 12 अक्तूबर को जागीर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय भारापुर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय यहां तैनात शिक्षिका कीर्ति और शिक्षामित्र शैलेंद्र सागर व साधना अनुपस्थित थीं। अनुपस्थित शिक्षकों के पंजिका पर हस्ताक्षर थे। परियोजना निदेशक ने पिछले हस्ताक्षरों से मिलान किया तो पाया कि प्रधानाध्यापिका ने ही ये फर्जी तरीके से किए हैं। निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक को 61 छात्र उपस्थित मिले। एमडीएम रजिस्टर में भोजन वितरण 110 छात्रों को दिखाया गया। परियोजना निदेशक ने पाया कि 49 छात्रों को फर्जी एमडीएम वितरण दिखाया गया है। परियोजना निदेशक ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी। बीएसए दीपिका गुप्ता ने परियोजना निदेशक की रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापिका रीता और कीर्ति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

रीता को जागीर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय हविलिया चौहानपुर से संबद्ध करते हुए बीईओ किशनी सुनील कुमार दुबे को जांच अधिकारी बनाया गया है। कीर्ति को प्राथमिक विद्यालय कीरतपुर से संबद्ध करते हुए बीईओ सुल्तानगंज अनुपम शुक्ला को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया है।

निलम्बित शिक्षकों के प्रकरणों का 15 दिन के अंदर निस्तारण करते हुए सूचना प्रेषित किए जाने के संबंध में।

⛔️ निलम्बित शिक्षकों के प्रकरणों का 15 दिन के अंदर निस्तारण करते हुए सूचना प्रेषित किए जाने के संबंध में

⛔️ प्रदेश में 615 बेसिक शिक्षक निलम्बित, चल रही जांचों की समीक्षा करते हुए जल्द होगा निस्तारण

⛔️ समय से ज्यादा बेसिक शिक्षकों को निलम्बित रखा तो शिक्षाधिकारी खुद कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

निलम्बित शिक्षकों के प्रकरणों का 15 दिन के अंदर निस्तारण करते हुए सूचना प्रेषित किए जाने के संबंध

लखनऊ : प्रदेश में निलम्बित शिक्षकों की बहाली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की खैर नहीं। प्रदेश में 615 शिक्षक निलम्बित हैं। इन सबके खिलाफ चल रही जांचों की समीक्षा करते हुए इनका निस्तारण कराया जाएगा। वहीं समय से ज्यादा निलम्बन रखा तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर कहा है कि लम्बे समय तक निलम्बन या फिर जांच की कार्रवाई चलते रहना विभाग और शिक्षक दोनों के लिए अहितकर है। इससे जहां शिक्षकों की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वहीं विभाग भी शिक्षक की सेवाओं का लाभ नहीं ले पाता। निलम्बन की समय सीमा तय है। इसके बाद निलम्बन खत्म किया जाना चाहिए।

महानिदेशक ने कहा निलम्बन के सभी मामलों की जांच करते हुए 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट भेजी जाए। यदि किसी का भी निलम्बन समयसीमा से ज्यादा है तो उसकी समीक्षा भी करें।

महानिदेशक स्कूली शिक्षा श्री विजय किरन आनंद जी से मुलाकात कर शिक्षको का जनपद के स्थानांतरण/समायोजन/ पारस्पारिक स्थानांतरण, शिक्षको के प्रमोशन,मध्यान भोजन कांवर्जन कास्ट बढ़ाए जाने सहित अन्य बिंदुओं को लेकर मुलाकात

एक बार पुनः महानिदेशक स्कूली शिक्षा श्री विजय किरन आनंद जी से मुलाकात कर शिक्षको का जनपद के स्थानांतरण/समायोजन/ पारस्पारिक स्थानांतरण, शिक्षको के प्रमोशन,मध्यान भोजन कांवर्जन कास्ट बढ़ाए जाने सहित अन्य बिंदुओं को लेकर मुलाकात कर समस्याओं का निस्तारित करने का अनुरोध किया।