शैक्षिक सत्र 2022-23 में DBT कार्यक्रम के अंतर्गत खातों में धनराशि भेजे जाने हेतु अगले चरण की तैयारियों हेतु निर्देश जारी

शैक्षिक सत्र 2022-23 में DBT कार्यक्रम के अंतर्गत खातों में धनराशि भेजे जाने हेतु अगले चरण की तैयारियों हेतु निर्देश जारी

DBT समाधान :- DBT का कार्य करने के लिए विभाग ने DBT का अलग से पोर्टल बना

DBT का कार्य करने के लिए विभाग ने DBT का अलग से पोर्टल बना दिया है ।
dbtransfer.prernaup.in
अब DBT का कार्य इसी पोर्टल पर करें ।

DBT प्रक्रिया में आने वाली समस्याएं तथा शिक्षको द्वारा पूछे गए Questions Answers

  1. सारा नामांकन डीबीटी एप में नहीं दिख रहा है जिससे कि जो छात्र दिख नही रहे उनका डीबीटी नही हो पा रहा है।

Answer:- jo bacche nahi show ho rahe hai inhe ek baar dropout aur duplicate wale column me check kre yadi hai to inhe rollback kar le show ho jayenge.

2 . अगर किसी छात्र के पहले पिता का खाता लगा था और उसके पिता का देहांत हो गया है तो ऐसी स्थिति में खाता नहीं बदल पा रहा है।

Answer :-dbt me account ka option nahi diya gya hai aap sirf guardian ke aadhar ko lagaye .

  1. जिन छात्र का पिछली बार खाते में धनराशि नही पहुंची थी उनका भी खाता नहीं परिवर्तित हो पा रहा है।

Answer:- aise guardian ka aadhar lagaye jinka aadhar bank se link ho.

  1. किसी छात्र के माता पिता दोनो का आधार नहीं लगाया जा सक रहा है ऐसी स्थिति में उनका आधार प्रमाणित नहीं हो पा रहा।

Answer :- jab tk guardian ka aadhar nahi lagega tab tk wah baccha apramanit me show kare mata pita ke na hone par aap kisi any guardian ka aadhar laga sakte hai .

  1. प्रतिदिन कुल नामांकित छात्र पूरे हो जाने और प्रमाणित छात्र 0 हो जाने के कारण अध्यापक उन्ही छात्र का बार बार डीबीटी करते रह जाते है जिससे को रिपोर्ट नहीं बढ़ पा रही है।

Answer :- refresh all data kar le aapne jitne student verify kiye hai show ho jayenge.

  1. ऐसे छात्र जिनके भाई बहन विद्यालय में पढ़ रहे है उनका भी आधार प्रमाणित नहीं हो पा रहा है।

Answer :- student ke aadhar se student ki details aur guardian ke aadhar se guardian ki details fill kare verify ho jayenge .

  1. कुछ छात्रों के अभिभावक का आधार पहले से भरा हुआ है पर छात्र से संबंध वाला कॉलम खाली है और उसमे सिलेक्ट भी नही किया जा पा रहा है। Answer:- revert ka option block level par diya jayega aap un bacchon ko revert karke unke guardian ko edit kar sakte hai

DBT से संबंधित सूचना एक बार जरूर देखें

Dbt से संबंधित सूचना

जन्मतिथि में संशोधन कराने के लिए विद्यालय में एक check register बना ले , अभिभावक से एफिडेविट लेकर संशोधन कर के उसे आधार में संशोधन कराने के लिए बोल दे।
अनसीडेड (unseeded) बैंक अकाउंट में या तो आधार अपडेट करने के लिए बोल दे या नया खाता जो चालू हो उसको अपडेट कर दे ।

Unseeded बैंक अकाउंट से ये तात्पर्य है कि अभिभावक के अकाउंट में आधार तो लिंक है पर बैंक के database में उनका finger print/sign upload नही है।

सभी प्रधानाध्यापक इंचार्ज प्रधानाध्यापक ध्यान दें 1 से अधिक बच्चों वाले अभिभावकों में जिन बच्चों की दो बच्चों के बीच की एज डिफरेंस 6 महीने से कम है उनके लिए विद्यालय में चेक रजिस्टर बनाएं अभिभावक से एफिडेविट लें और एसआर में उम्र चेंज कर लें जिससे सस्पेक्टेड डाटा को क्लियर किया जा सके ।साथ ही अगर किसी बच्चे के पैरंट्स के अकाउंट नंबर सीड नहीं हो रहे हैं तो वह जहां भी है मुंबई या दिल्ली। वहां पर उसका अकाउंट नंबर होगा ही और वह सीडेड होगा। हम उस अकाउंट का उपयोग कर सकते हैं।

ढ़ाई लाख नौनिहालों में महज 95 हजार को मिला स्वेटर, जूता मोजा, सत्यापन कराने में परेशान हैं गुरुजी

प्रतापगढ़।ठंड का असर तेज होने के बाद परिषदीय विद्यालयों में नौनिहाल ठिठुर रहे हैं और बेसिक शिक्षा विभाग उन्हें स्वेटर और जूता-मोजा के लिए धनराशि नहीं उपलब्ध करा सका है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक अकाउंट में डीबीटी प्रणाली से जूता, मोजा व स्वेटर के लिए 11 सौ रुपये की धनराशि भेजने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अभी जिले के ढाई लाख बच्चों में मात्र 95 हजार छात्र-छात्राओं को ही लाभ मिल सका है।

शासन की ओर से जनपद के कुल 2376 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले कुल ढाई लाख छात्र-छात्राओं को जूता, मोजा व ठंड से राहत के लिए दो जोड़ी स्वेटर की धनराशि 11 सौ रुपये डीबीटी प्रणाली (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) से अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है। पहले चरण में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों के बैंक अकाउंट व छात्र-छात्राओं के आधारकार्ड का सत्यापन कर 95 हजार बच्चों के लिए रकम भेज दी।इससे करीब 40 प्रतिशत बच्चों को ठंड के समय में जूता, मोजा व स्वेटर मिल गया है। सत्यापन न होने से एक लाख 55 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में अभी धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। इससे अभिभावक बच्चों के लिए जूता-मोजा और स्वटेर नहीं खरीद सके हैं। बच्चे रोजाना ठंड में सुबह ठिठुरते हुए स्कूल आ रहे हैं।

सत्यापन कराने में परेशान हैं गुरुजी

प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्वेटर, जूता व मोजा की धनराशि देने के लिए गुरुजी उनके घर के चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं। बीएसए कार्यालय के कर्मचारियों का दबाव देख नौनिहालों के अभिभावकों के बैंक अकाउंट नंबर के साथ सूची तैयार कर गुरुजी बीएसए कार्यालय पहुंचा रहे हैं। अधिकांश बच्चों को जल्दी स्वेटर सहित जूता व मोजा मिल जाए, इसके लिए प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों को सत्यापन की जिम्मेदारी मिली है। स्कूल में शिक्षकों की मनमानी के चलते अब तक अधिकांश बच्चों को स्वेटर, जूता व मोजा नहीं मिला है।

बैंक अकाउंट नंबर आधार से लिंक नहीं होने से परेशानी

प्राथमिक विद्यालयों के अधिकांश बच्चों के अभिभावकों ने जनधन अकाउंट का नंबर बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। समय पर इस अकाउंट को आधारकार्ड से लिंक नहीं कराया गया है। ऐसे में डीबीटी प्रणाली से भेजी गई धनराशि अकाउंट में फंसी हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को बैंक अकाउंट के दस्तावेज बैंक में जमा कराने की जानकारी शिक्षक ही दे रहे हैं। बच्चों के अभिभावक भी बैंक अकाउंट का सत्यापन कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे नौनिहालों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।अब तक लगभग 95 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक अकाउंट में डीबीटी प्रणाली से धनराशि भेजी गई है। अधिकांश अभिभावकों के बैंक अकाउंट में त्रुटि है। खाते आधारकार्ड से लिंक नहीं हैं। सत्यापन कार्य में शिक्षकों को लगाया गया है। सुधीर सिंह, प्रभारी बीएसए

DBT समस्या समाधान:- डीबीटी एप्प आ रही समस्याओं के समाधान में यू-ट्यूब सत्र का आयोजन

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DBT : डीबीटी के संबंध में प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी, देखें

1-यदि किसी अभिभावक के पास एक से अधिक खाते हैं और वह सभी खाते आधार से सीडेड हैं तो लास्ट में आधार से सीडेड खाते में ही डीबीटी का पैसा जाएगा!
2-विद्यालय में प्रेरणा डीबीटी ऐप पर अध्यापकों के द्वारा जो बैंक खाता फीड किया गया है जरूरी नहीं है कि डीबीटी की धनराशि उसी खाते में आए ! धनराशि उसी अभिभावक के आधार से सीडेड अन्य खाते में जा सकती है!
3-अंगूठा मशीन में अंगूठा लगाकर धनराशि को निकालने वाले के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह खाता आधार से सीडेड हो इसलिए यह जरूर पता कर लें कि आपका बैंक खाता आधार से सीडेड है या नहीं!

4-डीबीटी की धनराशि के लिए यह जरूरी नहीं है कि धनराशि आपके बैंक खाते में ही आए वह धनराशि आपके बैंक खाते में ,पोस्ट ऑफिस के खाते में, स्वयं सहायता समूह के खाते में या अन्य किसी योजना के अंतर्गत खुलवाए गए खाते में धनराशि आ सकती है जो कि आधार से सीडेड हो!
5-यदि आपका खाता ऋण आत्मकत्मक श्रेणी में है तो 1100 रुपए की धनराशि में से वह बैंक ऋण आत्मक धनराशि को काटते हुए अवशेष धनराशि आपके खाते में जमा राशि के रूप में प्रदर्शित होगी

REVIEW on DBT PENDENCY:- डीबीटी कार्य में शिथिलता पर प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व निर्धारित करने एवं जनपदवार पेंडेंसी पर समीक्षा बैठक आयोजित करने के सम्बन्ध में

DBT ट्रांसफर राशि:- जाने दूसरे चरण में अभिभावकों के खाते में कब ट्रांसफर किए जाएंगे राशि, दूसरे चरण में 6000000 बच्चों के अभिभावकों को ट्रांसफर होंगे पैसे

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