आगरा। विजिलेंस ने आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए शमसाबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ब्रजराज सिंह को बृहस्पतिवार को मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
आरोप है कि ब्रजराज सिंह ने प्राथमिक विद्यालय लहर पट्टी ब्लॉक शमसाबाद में कार्यरत प्रधानाध्यापक भैरोनाथ सिंह से आठ हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। भैरोनाथ सिंह अपने जीपीएफ से ऋण लेना चाहते थे, जिसके लिए ब्रजराज रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने विजिलेंस में शिकायत की। विजिलेंस ने कई स्तर पर जांच की। आरोप की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया। ऐसे स्थान पर खंड शिक्षा अधिकारी को बुलाया। भगवान टाकीज स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर से उनको रंगेहाथ पकड़ लिया गया। एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी को मेरठ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ पूर्व में मौखिक शिकायत रिश्वत मांगने की गई थीं।
कई लोगों ने की थी मौखिक शिकायत
विजिलेंस के मुताबिक आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजराज सिंह के खिलाफ तीन से चार और कर्मचारियों ने शिकायत की थी। यही बताया था उन्हें भी परेशान कर चुके हैं। लेकिन किसी ने लिखित में शिकायत दर्ज नहीं कराई। शिकायत करने सिर्फ भैरोनाथ सिंह आए। इस पर कार्रवाई हुई।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO), अछनेरा (आगरा) ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, देखे
बेसिक शिक्षा विभाग में 1 करोड़ की राशि का बड़ा घोटाला, किसी को कानों कान खबर भी नहीं, जानिए इंसीनेटर घोटाले के बारे में
बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक स्तर के अधिकारी भरस्टाचार के ऐसे ऐसे अवसर तलाश लेते है जिनके बारे में आपको सुनकर भी ताज्जुब होगा ,पूरे ज़िले में तकरीबन 1 करोड़ की राशि का ऐसा ही एक बड़ा घोटाला इतनी खामोशी के साथ अंजाम दिया गया कि किसी को कानो कान खबर भी न हुई और प्रत्येक खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बड़ी खामोशी के साथ 1 से 2 लाख रुपयो की रकम कमीशन के तौर पर डकार ली , यह तो एक जिले के घोटाले कि राशि है, यदि पूरे प्रदेश की बात करें तो घोटाले कि रकम का आसमान छूना तय है।।
आखिर इंसिनेटर क्या है व इसका उपयोग क्या है, शासन इंसीनेटर बनवाने को लेकर क्यों इतना गंभीर है ??
मामला ये है कि पिछले वित्तीय वर्ष में ज़िले के सभी जूनियर हाइस्कूल के खातों में बालिका शौचालय के पास इंसिनेटर बनाये जाने के लिए प्रति विद्यलय 10 हजार रुपयो की धनराशि प्रेषित की गई थी ,अब बेचारे शिक्षकों को तो ये पता नही था कि इंसिनेटर है क्या बला ,और न ही अधिकारियों ने कभी इस बारे में बताने की ही कोशिश की ,हो सकता है कुछ खंड शिक्षा अधिकारी भी इस बारे में जानते ही न हो ,कुछ दिनों के बाद तंबौर और लखीमपुर के एक निर्माण कर्ता के साथ सौदा तय हो गया तो खण्ड शिक्षा अधिकारियों ने जूनियर के हेड्स को सम्बंधित व्यक्ति से इंसिनेटर बनवाने का फरमान फोन पर जारी कर दिया ,कुछ जगह ये व्यक्ति सीधे गया और साहब से बात करा दी ,इस मामले में 2 से 3 हजार प्रति यूनिट कमीसन की बात बीईओ के लिए तय हुई जिसकी आधी रकम उन्हें पेशगी मिली और आधी चेक कलेक्शन के बाद
सबसे खास बात तो ये है कि अधिकांश विद्यलयो में शौचालय निर्माण का काम पंचायतो द्वारा कराया गया है ,लेकिन तब तक पंचायतो का ये काम हुआ नही था और 70 प्रतिशत से भी अधिक इंसिनेटर पुराने जर्जर शौचालयों में बना दिये गए है जो निस्पयोजय है ,और कई जगह तो बिना बने ही इसकी पूरी धनराशि बीईओ हजम कर गए है ,लेकिन खास बात ये है कि विभाग ने तो कभी इसकी जांच नही ही की,बल्कि स्वक्षता अभियान से जुड़ा होने के बाद भी ये मामला कभी ज़िलाधिकारी ,मुख्य विकास अधिकारी ,पंचायतराज अधिकारी ,या स्वक्षता समिति के सामने नही लाया गया ,
अगर भविष्य में ये मामला सामने आता है तो प्रबंध समिति से भुगतान करने के नाते शिक्षकों का फंसना तय है ,ऐसे में प्राथमिक शिक्षक संघ ज़िलाधिकारी महोदय और मुख्य विकास अधिकारी महोदय से मांग करता है कि पूरे जिले में इंसिनेटर की जांच कराकर दोषी खण्ड शिक्षा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और शौचालय घोटाला करने वाले सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी शिक्षक को प्रतिकूल स्थितियो का सामना न करना पड़े,ये घोटाला गांव में पढ़ने वाली मासूम बालिकाओ की साफ सफाई स्वक्षता और हाइजीन को लेकर एक बड़ा खिलवाड़ है ,प्राथमिक शिक्षक संघ सीतापुर के मंत्री आरध्य शुक्ल जी ने बताया कि इस संबंध में सम्बंधित अधिकारियों को संघ द्वारा पत्र प्रेषित किया गया है ,पूरा मामला प्रदेश नेतृत्व की मॉर्फत महानिदेशक महोदय और विभागीय मंत्री के संज्ञान में भी लाया जाएगा ।।
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हरदोई रिश्वत वायरल वीडियो मामने ने पकड़ा तूल, बीईओ पर भ्रष्टाचार की एफआईआर, डीएम ने बीईओ और बीएसए की संपत्तियों की जांच को शासन को भेजा पत्र।
🔴 बीएसए ने बीईओ के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
🔴 डीएम ने स्थानांतरण के साथ चल अचल संपत्ति की जांच के लिए लिखा पत्र।
देखिए आदेश👇
इससे डीएम ने बीएसए के तबादले, बीईओ के निलंबन और दोनों की चल अचल संपत्तियों की जांच कराने के संबंध में शासन को लिखा है। भरखनी की खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के पास शाहाबाद का भी अतिरिक्त प्रभार है।
उनका एक वीडियो कुछ दिन पहले वायरल हुआ था। वीडियो में शुचि गुप्ता एक पेंशनर से पेंशन संबंधी प्रकरण के निस्तारण के लिए रुपये मांगते और बीएसए को भी इसमें हिस्सा देने की बात करते हुए नजर आ रही हैं।
पूरे मामले पर गत सप्ताह बीएसए हेमंत राव ने बीईओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इससे संतुष्ट न होने पर बीएसए ने बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए लिख दिया था।
अब बीएसए हेमंत राव ने पूरे प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी शुुचि गुप्ता के विरुद्ध शाहाबाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि शुुचि गुप्ता निवासी भाटनटोला शाहजहांपुर का सोशल मीडिया पर वीडियो वारयल हुआ है। शुचि गुप्ता के इस कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है। पूरे मामले की जांच सीओ शाहाबाद अखिलेश राजन करेंगे।
बीएसए की संलिप्तता की भी होगी जांच
जिलाधिकारी पुलकित खरे ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग को पूरे प्रकरण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव की संभावित संलिप्तता की भी जांच कराने को पत्र लिखा है। डीएम ने इसके लिए शासन स्तर से टीम गठित करने और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव का तबादला जनपद से किए जाने को भी लिखा है।